2026 में बैंकिंग का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब एसबीआई और पीएनबी जैसे बड़े बैंकों में ‘मिनिमम बैलेंस’ न होने पर जुर्माना नहीं लगता। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जिनका खाता अक्सर कम राशि पर रहता है। हालांकि, बैंक अब अपनी आय के लिए डिजिटल ट्रांजेक्शन पर ध्यान दे रहे हैं। एसबीआई द्वारा ₹25,000 से ऊपर के ऑनलाइन आईएमपीएस पर शुल्क लगाना इसी का हिस्सा है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे बड़े ट्रांसफर के लिए एनईएफटी (NEFT) या आरटीजीएस (RTGS) का उपयोग करें, जो अब भी अधिकांशतः मुफ्त हैं।
PNB और इनऑपरेटिव खातों पर सख्त कार्रवाई
पंजाब नेशनल बैंक ने साफ़ कर दिया है कि जिन खातों में पिछले 2 वर्षों से कोई गतिविधि नहीं हुई है, उन्हें ‘इनऑपरेटिव’ माना जाएगा। 19 मार्च 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यदि आपने 15 अप्रैल 2026 तक केवाईसी अपडेट नहीं किया, तो आपका खाता बंद हो सकता है। इसका मतलब है कि खाते में जमा पैसा सुरक्षित तो रहेगा, लेकिन आप उसे तब तक निकाल नहीं पाएंगे जब तक कि आप अपनी होम ब्रांच में जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं कराते।
2026 बैंक अपडेट: प्रमुख शुल्कों और सीमाओं की तुलनात्मक तालिका
नीचे दी गई तालिका प्रमुख बैंकों के नए नियमों का सारांश प्रदान करती है।
| सुविधा का नाम | SBI (नया नियम) | PNB (नया नियम) | केनरा बैंक (नया नियम) |
| मिनिमम बैलेंस शुल्क | शून्य (Nil) | शून्य (Nil) | शून्य (Nil) |
| ऑनलाइन IMPS (>25k) | ₹2 – ₹10 + GST | मुफ्त (सीमित) | ब्रांड अनुसार अलग |
| KYC डेडलाइन | नियमित अंतराल पर | 15 अप्रैल 2026 | नियमित अंतराल पर |
| UPI ATM निकासी | फ्री लिमिट में शामिल | फ्री लिमिट में शामिल | फ्री लिमिट में शामिल |
| डेबिट कार्ड शुल्क | ₹125 – ₹300 वार्षिक | कार्ड अनुसार संशोधित | लाउंज एक्सेस पर शर्त |
एटीएम से पैसे निकालने के बदले नियम
1 अप्रैल 2026 से एटीएम के उपयोग के नियमों में बड़ा बदलाव हो रहा है। अभी तक कई बैंक यूपीआई (Cardless Cash) निकासी को ‘मुफ्त सीमा’ में नहीं गिनते थे। लेकिन अब, चाहे आप कार्ड से पैसे निकालें या क्यूआर कोड स्कैन करके, वह आपके महीने के 5 मुफ्त ट्रांजेक्शन (मेट्रो में 3) में गिना जाएगा। सीमा पार होने पर आपको प्रति ट्रांजेक्शन ₹23 प्लस जीएसटी तक का भुगतान करना पड़ सकता है। इसलिए अब कैश निकालने के बजाय सीधे यूपीआई पेमेंट का उपयोग करना अधिक किफायती होगा।
केनरा बैंक के डेबिट कार्ड और लाउंज एक्सेस में कटौती
केनरा बैंक के खाताधारकों, विशेषकर जो ‘रूपे सिलेक्ट’ (RuPay Select) कार्ड का उपयोग करते हैं, उनके लिए अब नियम कड़े हो गए हैं। 19 मार्च 2026 के अपडेट के अनुसार, एयरपोर्ट लाउंज की मुफ्त सुविधा अब केवल उन्हीं को मिलेगी जिन्होंने पिछली तिमाही में बैंक द्वारा निर्धारित एक न्यूनतम राशि (Spend-based) कार्ड से खर्च की होगी। इसके अलावा, बैंक ने क्लासिक और प्लेटिनम कार्ड की वार्षिक रखरखाव फीस (AMC) में भी 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
निष्कर्ष: 2026 की बैंकिंग में कैसे बचें अतिरिक्त खर्चों से?
इन 5 बड़े बदलावों का सार यह है कि बैंक अब ‘डिजिटल और सक्रिय’ ग्राहकों को प्राथमिकता दे रहे हैं। नुकसान से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपना केवाईसी अपडेट रखें और मोबाइल बैंकिंग का अधिक से अधिक उपयोग करें। ₹25,000 से छोटे ट्रांजेक्शन के लिए यूपीआई और आईएमपीएस का उपयोग करें, जबकि बड़े भुगतान के लिए एनईएफटी चुनें। 2026 में बैंकिंग अब केवल पैसा जमा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपके द्वारा किए जाने वाले हर डिजिटल लेन-देन के प्रबंधन के बारे में है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी 19 मार्च 2026 तक बैंकों द्वारा जारी की गई आधिकारिक अधिसूचनाओं और प्रेस विज्ञप्तियों पर आधारित है। बैंक किसी भी समय अपने शुल्कों और नियमों में बदलाव कर सकते हैं। सटीक और व्यक्तिगत जानकारी के लिए कृपया अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट (sbi.co.in, pnbindia.in, canarabank.com) पर जाएं या अपनी शाखा से संपर्क करें। यह लेख केवल जागरूकता के उद्देश्य से है।