20 मार्च 2026 के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, देश को तीन मुख्य क्षेत्रों में बांटा गया है जहाँ मौसम का असर सबसे अधिक होगा। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेज आंधी और बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ है, जबकि मध्य भारत के मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय) में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के लिए प्रशासन को मुस्तैद रहने और जलभराव की स्थिति से निपटने के निर्देश दिए हैं।
IMD Weather Forecast 2026: अगले 3 दिनों का तापमान और बारिश चार्ट
नीचे दी गई तालिका प्रमुख शहरों के लिए अगले 72 घंटों के मौसम का अनुमान दर्शाती है।
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | मौसम की स्थिति (20-22 मार्च) |
| नई दिल्ली | 24 – 26 | 14 – 16 | भारी बारिश और तेज हवाएं (40kmph) |
| लखनऊ | 27 – 29 | 15 – 17 | गरज के साथ बौछारें और वज्रपात |
| जयपुर | 23 – 25 | 13 – 15 | ओलावृष्टि और ठंडी हवाएं |
| श्रीनगर | 08 – 10 | 01 – 03 | भारी हिमपात (Snowfall) |
| पटना | 28 – 30 | 18 – 20 | हल्की बारिश और बादल छाए रहेंगे |
किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी: फसल सुरक्षा के लिए उठाएं ये कदम
19 मार्च 2026 की शाम को जारी कृषि मौसम बुलेटिन में किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें या तिरपाल से ढक दें। जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी है, वहां सिंचाई और उर्वरकों का छिड़काव तुरंत रोक दें। तेज हवाओं के कारण फसलों के गिरने (Lodging) का खतरा है, इसलिए खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें। यह बेमौसम बारिश रबी की फसलों के दानों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए कृषि वैज्ञानिकों के संपर्क में रहें।
शीतलहर और स्वास्थ्य: बदलते मौसम में बीमारियों से कैसे बचें?
तापमान में अचानक 6-7 डिग्री की गिरावट के कारण वायरल इन्फेक्शन, सर्दी-जुकाम और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। 20 मार्च 2026 के स्वास्थ्य अपडेट के अनुसार, बुजुर्गों और बच्चों को ठंडी बर्फीली हवाओं से बचाने के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग जारी रखने की सलाह दी गई है। बर्फीली हवाओं के साथ बारिश होने से ‘हाइपोथर्मिया’ का जोखिम बढ़ जाता है, इसलिए गीले होने से बचें और गुनगुने पानी का सेवन करें।
निष्कर्ष: 2026 का ‘अनिश्चित मार्च’ और भविष्य की चुनौतियां
अंततः 20 मार्च 2026 का यह मौसम अपडेट हमें चेतावनी देता है कि प्रकृति के बदलते चक्र को हल्के में नहीं लिया जा सकता। मार्च के महीने में इस तरह की भारी बारिश और शीतलहर का आना जलवायु परिवर्तन के गहरे संकेतों को दर्शाता है। अगले 72 घंटे बेहद संवेदनशील हैं, विशेषकर यात्रियों और किसानों के लिए। मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना और अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना ही इस समय सबसे बेहतर उपाय है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई मौसम संबंधी जानकारी 20 मार्च 2026 (शाम 5:30 बजे) तक भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। मौसम की स्थिति पल-पल बदल सकती है, इसलिए ताज़ा अपडेट के लिए रेडियो, टीवी या ‘Mausam’ आधिकारिक ऐप का अनुसरण करें। यह लेख केवल जन-जागरूकता के लिए है।